गम शायरी 

दुनिया के रंग . ..

क्या खूब दिखाया दुनिया ने अपना रंग,

हम रंग भरते भरते खुद बे-रंग हो गए।

हम तरसते रहेंगे . ..

उनकी एक नज़र को हम तरसते रहेंगे,

ग़म के आँसू हर पल यूँ ही बरसते रहेंगे,

कभी बीते थे कुछ पल उनके साथ,

बस यही सोच कर हम हँसते रहेंगे।

तेरे जाने के बाद. ..

एक तेरे चले जाने के बाद से हमें,

किसी का भी यहाँ ऐतबार न रहा,

और किसी से तो क्या करेंगे मोहब्बत,

जब अपनी ही जिंदगी से प्यार न रहा।

ग़म दिल में है .. .

क्या जाने किसको किससे है

अब दाद की तलब,

वह ग़म जो मेरे दिल में है

तेरी नज़र में है।

गम की आतिशबाजी . ..

फिर तेरा चर्चा हुआ, आँखें हमारी नम हुई,

धड़कनें फिर बढ़ गई, साँस फिर बेदम हुई,

चाँदनी की रात थी, तारों का पहरा भी था,

इसीलिये शायद गम की आतिशबाजी कम हुई।