मांगता हूं तो देती नहीं हो! 

मांगता हूँ तो देती नहीं हो,

जवाब मेरी बात का..!! 

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और देती हो तो खड़ा हो जाता है,

रोम-रोम जज्बात का.. 

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मूह में लेना तुम्हे पसंद नहीं, 

एक भी कतरा शराब का..

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फिर क्यूँ बोलती हो के धीरे से डालो, 

बालों में फूल गुलाब का…..

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वोह सोती रही में करता रहा,

इंतज़ार उसके जवाब का..

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अभी उसके हाथ में रखा ही था

के उसने पकड़ लिया, 

गुलदस्ता गुलाब का.. 
उसने कहा पीछे से नहीं आगे से करो,

दीदार मेरे हुस्न-ओ-शब्बाब का.. 

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उसने कहा बड़ा मज़ा आता है जब अन्दर जाता है..

कानो में एक एक लफ्ज़ तेरे प्यार का..!!

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बाबूराव का जोक! Baburab jokes

बाबूराव: आज मेरे कुत्ता ने अंडा दिया।

अक्षय : ये कुत्ता कब से अंडा देने लगा?
बाबूराव: ये बाबूराव का स्टाइल है,
अपनी मुर्गी का नाम कुत्ता रखा है रे बाबा 

Hashi majak jokes!

मालिक ने नौकर से कहा: मच्छर मार दो, बहुत हो गए हैं…!

नौकर आलस में पड़ा रहा…!

थोड़ी देर बाद भी मच्छर गुनगुना रहे थे…!

मालिक ने फिर नौकर से कहा, मच्छर मारे नहीं क्या…?

नौकर ने मालिक से कहा: मच्छर को तो कब के मार दिये, 

ये तो उनकी विधवा पत्नियों की रोने की आवाज़ें है.

Hashi रोक नहीं पाओगे!….. 

हँसी रोक नही पावोगे…….. 

पुलिस वाले दरवाजा खटखटाते है
मैडम:कौन ?
जी हम पुलिस है। 

आपके पति का

एक्सिडेंट हो गया है 

उनके ऊपर से गाडी

गुजर गई है वो एकदम पापड़ बन गए है !

मैडम:तो दरवाजा खोलने की क्या जरुरत है नीचे से ही सरका दो

पति पत्नी जोक..! pati patni jokes 

पति – मेरे सीने में बहुत दर्द हो रहा हैं, जल्दी से एम्बुलेंस के लिए कॉल लगाओ..

पत्नी – हाँ,लगाती हूँ,अपने मोबाईल का पासवर्ड बताओ.
पति – रहने दो, अब थोडा ठीक लग रहा हैं 

कविता अटल बिहारी वाजपेयी की kabita atal bihari ki 

कविता अटलजी की है , अतिशय सुंदर

जब मन में हो मौज बहारों की
चमकाएँ चमक सितारों की,

जब ख़ुशियों के शुभ घेरे हों

तन्हाई  में  भी  मेले  हों,

आनंद की आभा होती है 

*उस रोज़ ‘दिवाली’ होती है ।*
       जब प्रेम के दीपक जलते हों

       सपने जब सच में बदलते हों,

       मन में हो मधुरता भावों की

       जब लहके फ़सलें चावों की,

       उत्साह की आभा होती है 

       *उस रोज़ दिवाली होती है ।*
जब प्रेम से मीत बुलाते हों

दुश्मन भी गले लगाते हों,

जब कहींं किसी से वैर न हो

सब अपने हों, कोई ग़ैर न हो,

अपनत्व की आभा होती है

*उस रोज़ दिवाली होती है ।*
       जब तन-मन-जीवन सज जाएं

       सद्-भाव  के बाजे बज जाएं,

       महकाए ख़ुशबू ख़ुशियों की

      मुस्काएं चंदनिया सुधियों की,

      तृप्ति  की  आभा होती  है

      *उस रोज़ ‘दिवाली’ होती है .

अटलबिहारी वाजपेयी

गाँव की लड़की का नॉन वेज जोक! 

एक छोटा बच्चा गाँव में एक लड़की की चूत मार कर घर आया तो उसने अपनी माँ को सब कुछ सच सच बता दिया।
उस की माँ ने बच्चे से कहा, “बेटा आगे से ऐसा कभी मत करना।”
बच्चा: क्यों माँ ऐसा क्यों ना करूँ।
माँ: बेटा इस लिए की जहाँ तुम ने अपनी लुल्ली डाली थी, वहां बहुत बड़े बड़े दाँत होते है अगर अब तुम ने ऐसा किया तो तुमहारी लुल्ली कट जाएगी।
बच्चा: हाँ माँ, समझ गया।
कुछ समय बाद जब बच्चा बड़ा हुआ और उसकी शादी हो गयी तो सुहागरात के दिन भी उसने अपनी पत्नी की चूत नहीं मारी। ऐसे ही कई दिन बीत गए और जब उस की पत्नी अपने मायके गई तो उसने अपनी माँ को सारी बातें बताई। तो माँ ने कहा कि जब दामाद जी घर आएंगे तो मैं उनसे बात करूँगी।
फिर कुछ दिनों बाद जब दामाद जी आए तो सासु माँ ने बातचीत की पर दामाद जी तो बात समझने को तैयार नहीं थे।एक ही बात पकड़ कर बैठे थे कि चूत में दाँत होते है। तो सासु माँ को गुस्सा आया और अपनी साड़ी उठायी और कहा, “खुद ही अंदर लंड डाल कर देख ले।” तो दामाद जी ने अपना लंड सास की चूत में डाल दिया। काम पूरा होने के बाद जब लंड बाहर निकाला तो सासु जी ने कहा, “क्यों दामाद जी था कुछ अंदर।”
दामाद जी बोले, “सासु जी आप का तो बुड़ापा आ गया है इसलिए सारे दाँत गिर गए हैं।”