अरमान शायरी

दिल एक मोम है . ..

उम्मीदें जुड़ी हैं तुझसे टूटने मत देना,

दिल एक मोम है पिघलने मत देना,

दिल ने चाहा है उसे आज पता चला ,

इस धड़कन को कभी बंद होने मत देनाI

शाम के बाद सुबह .. .

शाम के बाद सुबह आती है

देख लेना अपनी आँखों से,

दिल की बात एक दिन होठों पे आएगी,

सुन लीजियेगा अपने कानों से।

चलते चलते मेरे कदम . ..

चलते-चलते मेरे कदम

हमेशा यही सोचते हैं,

कि किस ओर जाऊं तो तू मिल जाये।

हर एक पहलू तेरा. ..

हर एक पहलू तेरा मेरे दिल में आबाद हो जाये,

तुझे मैं इस क़दर देखूं मुझे तू याद हो जाये…।।

तकदीर लिखने वाले एक .. .

तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे,

मेरी मोहब्बत की तकदीर में मुस्कान लिख दे,

ना मिले जिंदगी में कभी भी दर्द उसको,

चाहे उसकी किस्मत में मेरी जान लिख दे ।

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 अरमान शायरी

जो मिल जाएगी तू .. .

तेरे इंतज़ार में कैसे कटता है वक़्त ना पूछ मुझसे,

तेरे बगैर तन्हा रहता हूँ कैसे ना पूछ मुझसे,

तू ही तू चाहिए दिल की गहराइयो में,

जीता हूँ तेरे बगैर कैसे ना पूछ मुझसे,

जो मिल जाएगी तू तो होगी कितनी ख़ुशी ना पूछ मुझसे।
ऐसी होगी मेरी मोहब्बत. ..

मेरी मोहब्बत उस पर ही बरसेगी जो मेरा दिल जीतेगी,

अपने अभिमान से ज्यादा अपनों को सम्मान देगी।

हर हाल में साथ और दुविधा में भी हौसला बढ़ा देगी,

मेरी गलती पर नाराज़ होगी फिर गुस्से में मुस्करा देगी।

मेरी मोहब्बत उस पर ही बरसेंगी जो मेरा दिल जीतेगी,

ना आंधी ना बरसात में काम होगा मेरा जो विश्वास उस पर होगा।

नादान भले होगी वो पर अपनी बाते मुझे समझा देगी,

समझेगी मेरे हालात को और फिर उसमे जो मेरा साथ देगी।

उदास होगी और फिर हस्ते हुए मुझे भी रूला देगी,

कुछ ऐसी होगी वो जो मेरा जीवन भर साथ देगी।

मेरे दिलो दिमाग में जो रहेगी और मेरी ज़िन्दगी में जो खुराफात करेगी,

दोस्तों ऐसी होगी तुम्हारी भाभी जो तुमको कभी भैया तो कभी देवर कहेगी।
उम्मीदें जुड़ी हैं तुझसे . ..

उम्मीदें जुड़ी हैं तुझसे टूटने मत देना,

दिल एक मोम है पिघलने मत देना,

दिल ने चाहा है उसे… आज पता चला ,

इस धड़कन को कभी बंद होने मत देना।
अपनी आज़ादी को हम .. .

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं,

सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं।
खुदा करे जिदगी में. ..

खुदा करे जिदगी मे हो मकाम आये,

तुझे भूलने कि दुआ करु पर…

दुआ मे तेरा नाम आये।

अरमान शायरी

अरमान मिलने के. ..

यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के,

न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है।
मिलती रहे मोहब्बत .. .

न भूख है मुझे न दौलत की प्यास बाकी है,

मिलती रहे हर किसी से मोहब्बत काफी है।
वो चीज़ तेरी हो .. .

जिस चीज़ पे तू हाथ रख दे वो चीज़ तेरी हो,

और जिस से तू प्यार करे, वो तक़दीर मेरी हो।
छोटे छोटे सपने .. .

छोटे छोटे सपने हैं मेरे, छोटी सी आशा,

पूरी दुनिया पर हुकूमत हो मेरी बस इतनी सी अभिलाषा।
तेरी आरजू में सनम .. .

तेरी आरजू में सनम हम दीवाने हो गए,

तुझे अपना बनाते बनाते बेगाने हो गए,

कर दे एक बार याद अपने दिल से,

तेरे दिल की आवाज़ सुने ज़माने हो गए।

एटीट्यूड शायरी! 

सज़ा देने की तहज़ीब . ..

दुशमनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी।

मैं हाथ नहीं उठाता, नज़रों से गिरा देता हूँ।
हैसियत का अंदाज़ा . ..

हमारी हैसियत का अंदाज़ा,

तुम ये जान के लगा लो,

हम कभी उनके नही होते,

जो हर किसी के हो जाए।
बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ . ..

बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ,

आधे दुश्मनो को तो यूँ ही हरा देता हूँ।
ऊँची औकात रखी .. .

मिला हूँ ख़ाक में ऊँची मगर औकात रखी है,

तुम्हारी बात थी आखिर तुम्हारी बात रखी है,

भले ही पेट की खातिर कहीं दिन बेच आया हूँ,

तुम्हारी याद की खातिर भी पूरी रात रखी है।
शख्सियत का अंदाज़ा . ..

हमारी शख्सियत का अंदाज़ा,

तुम ये जान के लगा लो,

हम कभी उनके नही होते,

जो हर किसी के हो जाए।

एट्टीट्यूड शायरी! 

सूरज सितारे चाँद मेरे .. .

सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहे,

जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे,

शाखों से जो टूट जाये वो पत्ते नही है हम,

आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे।
हम जो जिन्दा हैं .. .

मार ही डाले जो बे मौत, ये दुनिया वाले,

हम जो जिन्दा हैं तो जीने का हुनर रखते हैं।
औकात की बात मत .. .

औकात की बात मत कर पगली…

हम जिस गली में पैर रखते हैं,

वहाँ की लड़कियां अक्सर कहती हैं,

बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है।
दिखावे की मोहब्बत .. .

दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे पर,

ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी।
तेरे गुरूर को देखकर .. .

तेरे गुरूर को देखकर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,

जरा हम भी तो देखें कौन चाहता है तुम्हें हमारी तरह।

 एटिट्यूड शायरी! 

एट्टीट्यूड तो हम . ..

एट्टीट्यूड तो हम मरने के बाद भी

दिखाएंगे…

दुनिया पैदल चलेगी और हम

कंधो पर।
लौटने का तकल्लुफ़.. .

तुम लौट के आने का तकल्लुफ़ मत करना,

हम एक मोहब्बत को दोबारा नहीं करते।
सादगी से लोग जलें . ..

आग लगाना मेरी फितरत में नही है,

मेरी सादगी से लोग जलें तो मेरा क्या कसूर।
सर झुकाए कैसे . ..

लाख तलवारे बढ़ी आती हों गर्दन की तरफ,

सर झुकाना नहीं आता तो झुकाए कैसे।
कहते है हर बात. ..

कहते है हर बात जुबां से हम इशारा नहीं करते,

आसमां पर चलने वाले जमीं से गुज़ारा नहीं करते,

हर हालात बदलने की हिम्मत है हम में,

वक़्त का हर फैसला हम गँवारा नहीं करते।

एटीट्यूड शायरी! 

जो हम बदले तो . ..

बदलना चाहते हो तो शौक से बदलो,

मगर इतना याद रखना…

जो हम बदले तो करवटें बदलते रह जाओगे।
अगर तू जिद होती .. .

सुन पगली…

तू मोहब्बत है मेरी इसलिए दूर है मुझसे,

अगर जिद होती तो मेरी बाहों में होती।
आवाज देते हैं लोग . ..

बैठता वहीं हूँ, जहाँ अपनेपन का अहसास है मुझको,

यूँ तो ज़िंदगी में कितने ही लोग आवाज देते हैं मुझको।
जहाँ कदर न हो . ..

जहाँ कदर न हो अपनी वहाँ जाना फ़िज़ूल है,

चाहे किसी का घर हो चाहे किसी का दिल।
मेरे बर्दाश्त करने का . ..

मेरे बर्दाश्त करने का अंदाजा

तू क्या लगायेगी पगली,

तेरी उम्र से ज्यादा मेरे जिस्म पर

ज़ख्मो के निशाँ हैं।

(पवन नाम तो सुना ही होगा)