दर्द शायरी 

कितना और दर्द देगा .. .

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,

ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,

यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है,

मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे
सितम और भी ढाया . ..

दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले,

मैंने देखे हैं कई कई रंग बदलने वाले,

तुमने चुप रहकर सितम और भी ढाया मुझ पर,

तुमसे अच्छे हैं मेरे हाल पे हँसने वाले।

ज़ख्म का हिसाब . ..

चलो उनको मोहब्बत का खिताब दिया जाये,

कि उनके दिए हर ज़ख्म का हिसाब किया जाये।

ना करना मोहब्बत .. .

दिल के सारे अरमान ले जाते हैं,

हमसे हमारी पहचान ले जाते हैं,

ना करना किसी से मोहब्बत दोस्त,

जान कहने वाले जान ले जाते हैं।

दर्द की थैली से. ..

बहुत ईमानदार हो गया है ये बेईमान शहर,

दर्द की थैली से किसी ने सिक्का न उठाया।

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दर्द शायरी 

इन आँखों में पानी .. .

अपनी तो जिंदगी की अजब कहानी है,

जिसे हमने चाहा वही हमसे बेगानी है,

हँसता हूँ दोस्तों को हँसाने के लिए,

वरना इन आँखों में पानी ही पानी है।

कुछ है घायल .. .

ये क्या है, जो आँखों से रिसता है,

कुछ है भीतर, जो यूँ ही दुखता है,

कह सकता हूं, पर कहता भी नहीं,

कुछ है घायल, जो यहाँ सिसकता है।

दर्द की दीवार पर .. .

दर्द की दीवार पर अपनी फरियाद लिखा करते है,

ऐ खुदा उन्हें खुश रखना जिन्हें हम प्यार किया करते हैं।

बरबादी -की – तारीख. ..

आ गई फिर वही एक और

अशिक की बरबादी की तारीख।

यही दिन था वह जब दिल टूटा

और मोहब्बत क़त्ल सरेआम हुई थी।

दर्द कम हुआ . ..

धीरे धीरे से अब तेरे प्यार का दर्द कम हुआ,

ना तेरे आने के खुशी ना तेरे जाने का गम हुआ,

जब लोग मुझसे पूछते हैं हमारे प्यार की दास्तान,

कह देता हूँ एक फसाना था जो अब खत्म हुआ।

दर्द शायरी 

मसला ये नहीं है . ..

मसला ये नहीं है कि

दर्द कितना है,

मुद्दा ये है कि परवाह

किसको है।

दर्द से हाथ न मिलाते . ..

दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,

गम के आँसू न बहाते तो और क्या करते,

उसने माँगी थी हमसे रौशनी की दुआ,

हम अपना घर न जलाते तो और क्या करते।

कुछ है घायल .. .

ये क्या है जो आँखों से रिसता है,

कुछ है भीतर जो यूं ही दुखता है,

कह सकता हूँ पर कहता भी नहीं,

कुछ है घायल जो यहाँ सिसकता है।

दर्द ने करवट ली . 

दिल के तड़पने का कुछ तो सबब है आख़िर

या दर्द ने करवट ली है या तुमने इधर देखा है।

वैसे जाता नहीं कोई. ..

यूँ तो हमेशा के लिए यहाँ आता नहीं कोई,

पर आप जिस तरह से गए वैसे जाता नहीं कोई।

दर्द शायरी 

मेरी जिंदगी की कहानी . ..

मेरी जिंदगी की कहानी भी बड़ी मशहूर हुई,

जब मैं भी किसी के ग़म में चूर हुई,

मुझे इस दर्द के साथ जीना पड़ा,

कुछ इस कदर मैं वक़्त के हाथों मजबूर हुई।

मैंने जिसे भी चाहा अपना बनाना,

सबसे पहले वही चीज मुझसे दूर हुई,

एक बार जो गए फिर कहाँ मिले वो लोग,

जिनके बिना मेरी जिंदगी बेनूर हुई।

लफ्जों की हिफाजत .. .

जो दो लफ्जों की हिफाजत न कर पाए,

उनके हाथों में जिंदगी की किताब क्या देता।

काँच की तरह 

टूटे हुए काँच की तरह

चकना-चूर हो गया हूँ

किसी को चुभ न जाऊँ

इसलिए सबसे दूर हो गया हूँ।

दर्द ही अपना हमदर्द .. .

दर्द में जीने की हमें आदत कुछ ऐसी पड़ी,

कि अब दर्द ही अपना हमदर्द लगने लगा।

बेवफा शायरी 

वफ़ा की तलाश करते रहे .. .

वफ़ा की तलाश करते रहे हम,

बेबफाई में अकेले मरते रहे हम,

नहीं मिला दिल से चाहने वाला,

खुद से ही बेबजह डरते रहे हम,

लुटाने को हम सब कुछ लुटा देते

मुहब्बत में उन पर मिटते रहे हम,

खुद दुखी हो कर खुश उन को रखा,

तन्हाईयों में सांसे भरते रहे हम,

वो बेवफाई हम से करते ही रहे

दिल से उन पर मरते रहे हम।

बेवफाई मार गयी .. .

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,

कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,

बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,

आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।

इश्क़ का खुमार. ..

इश्क़ के खुमार में उसे अपनी जिंदगी बना लिया,

जब भी उसकी याद आई दिल थामकर रो लिया,

वफ़ा का नाम देकर उसने बेबफाई की तो क्या हुआ,

जिंदगी थी वो मेरी उसके दिए सारे ग़म बर्दाश्त कर लिया।

दिल्लगी थी बेवफा से.. .

टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी,

मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,

न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से,

कि मैंने आखिरी ख्वाहिश में भी उसकी वफ़ा मांगी।

बेवफाई तेरे नाम से. ..

कैसे यकीन करें हम तेरी मोहब्बत का,

जब बिकती है बेवफाई तेरे ही नाम से।

बेवफा शायरी 

बदले उनके तेवर .. .

तस्वीर में भी बदले हुए हैं उनके तेवर,

आँखों में मुरब्बत का कहीं नाम नहीं है।

समेट कर ले जाओ . ..

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से

अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

जो जले थे हमारे .. .

जो जले थे हमारे लिऐ,

बुझ रहे हैं वो सारे दिये,

कुछ अंधेरो ने की थी साजिशें,

कुछ उजालों ने धोखे दिये.

वफ़ा का किस्सा .. .

वो कब का भूल चुका होगा हमारी वफ़ा का किस्सा,

बिछड़ के किसी को किसी का ख्याल कब रहता है।

इश्क़ में जब माँगा .. .

इश्क़ ने जब माँगा खुदा से दर्द का हिसाब,

वो बोले हुस्न वाले ऐसे ही बेवफाई किया करते हैं।

बेवफा शायरी 

तेरा ख्याल दिल से. ..

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,

बेवफा मैंने तुझ को भुलाया नहीं अभी।

मोहब्बत की इन्तेहाँ .. .

किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तेहाँ कर दो,

लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो,

मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर इतना,

कि अपनी वफाओं से उसको बेवफा कर दो।

बेवफाई उसकी दिल से. ..

बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,

ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,

कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,

इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।

महबूब ही तो बदला है .. .

उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,

दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है।

वो बेवफ़ाई करके . ..

कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये,

दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह,

वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए,

सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।