नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! 

पुराना साल सबसे हो रहा है दूर, क्या करें यही है कुदरत का दस्तूर, पुरानी यादें सोच कर उदास ना हो तुम, नया साल आया है चलो, धूम मचा ले धूम मचा ले धूम। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं…

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देश भक्ति शायरी हिंदी में! 

बस ये बात हवाओं को बताये रखना,

रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,

लहू देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने,

उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना।

जोक शायरी हिंदी में! 

1.  ग़ालिब फरमाते हैं

चली जाती हैं आए दिन वो ब्यूटी पार्लर में यूं ,
उनका मकसद है मिसाले-हूर हो जाना।

मगर ये बात किसी बेग़म की समझ में क्यूं नहीं आती,
कि मुमकिन ही नहीं किशमिश का फिर से अंगूर हो जाना।

2.  अर्ज किया है..

जरा गौर फरमाइए… जब देखा उन्होंने तिरछी नजर से, कसम खुदा की, मदहोश हो गए हम!

पर जब पता चला नजर पर्मानेंट तिरछी है, वहीं खड़े-खड़े बेहोश हो गए हम 

ताज महल क्या चीज हे शायरी हिंदी में! 

1. ताज महल क्या चीज है…

हम इससे भी अच्छी इमारत बनवा देंगे,शाहजहां ने मुमताज़ को मुर्दा दफनाया था, हम तुझे ज़िंदा ही दफना देंगे।
2.फनी शायरी प्यार का रास्ता . ..

कहते हैं कि प्यार की राहों पे चलना आसान नहीं, मैंने भी कल चल के देखा मुझे ताे रास्ता ठीक ही लगा।

मजाकिया शायरी हसीनो की 

1. हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है,  चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,  हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना, ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है।
3..आपका घर इतना दूर .. .

चिरागों में इतना नूर ना होता, तो तनहा दिल मजबूर ना होता, हम आपसे मिलने जरूर आते,अगर आपका घर इतना दूर ना होता।
3. न रेनकोट ना छाता.. .

ये बारिश का मौसम बहुत तड़पाता है, वो बस मुझे ही दिल से चाहता है, लेकिन वो मिलने आए भी तो कैसे…? उसके पास न रेनकोट है और ना छाता है।

काश शायरी 

तेरी वफ़ा तेरा हुस्न. ..

तेरे हुस्न पे तारीफों भरी किताब लिख देता,

काश… तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती ।

क़िस्मत में लिखा होता. ..

उस की हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले,

काश… उसको भी मेरी क़िस्मत में लिखा होता।

तन्हा नहीं करते. ..

काश… तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलो को,

किसी की सांसो में समाकर उसे तन्हा नहीं करते ।

काश तू भी बन जाए . ..

काश तू भी बन जाए तेरी यादों कि तरह,

न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये ।।

वो रोज़ देखता है .. .

वो रोज़ देखता है डूबते सूरज को इस तरह,

काश मैं भी किसी शाम का मंज़र होता 

काश शायरी 

काश तू इतनी सी .. .

काश तू इतनी सी मोहब्बत निभा दे,

जब भी मैं रूठूँ तो तू मुझे मना ले।

मिल जाते वो अल्फ़ाज़ .. .

काश कहीं से मिल जाते वो अल्फ़ाज़ हमें भी,

जो तुझे बता सकते कि हम शायर कम तेरे आशिक ज्यादा हैं।

ख्वाबों में गुजरा कल . ..

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए,

साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,

चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,

क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए।

वो आकर गले लगाले .. .

काश… एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,

वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर।

काश वो आ जायें . ..

काश वो आ जायें और देख कर कहें मुझसे,

हम मर गये हैं क्या? जो इतने उदास रहते हो।