जुदाई शायरी 

जुदाई के मोड़ पर . ..

यह हम ही जानते हैं जुदाई के मोड़ पर,

इस दिल का जो भी हाल तुझे देख कर हुआ।

जुदाई का मलाल .. .

जब तक मिले न थे जुदाई का था मलाल,

अब ये मलाल है कि तमन्ना निकल गई।

तो जुदाई भी नहीं. ..

अब अगर मेल नहीं है तो जुदाई भी नहीं,

बात तोड़ी भी नहीं तुमने तो बनाई भी नहीं।

मार डालेगी जुदाई . ..

हमें ये मोहब्बत किस मोड़ पे ले आई,

दिल में दर्द है और ज़माने में रुसवाई,

कटता है हर एक पल सौ बरस के बराबर,

अब मार ही डालेगी मुझे तेरी जुदाई।

दिल से जुदा होना . ..

इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,

तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है।

इश्क शायरी! Ishk shayari 

इश्क़ का जूनून. ..

फिर इश्क़ का जूनून चढ़ रहा है सिर पे,

मयख़ाने से कह दो दरवाज़ा खुला रखे।
अकेले हम ही शामिल नहीं हैं इस जुर्म में जनाब,

नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे।
लोग पूछते हैं कौन सी दुनिया में जीते हो,

अरे ये मोहब्बत है दुनिया कहाँ नजर आती है।

तजुर्बा इश्क़ का . ..

तजुर्बा एक ही काफी था बयान करने के लिए,

मैंने देखा ही नहीं इश्क़ दोबारा करके।

ग़म बुरा न लगे. ..

कुछ अजब हाल है इन दिनों तबियत का साहब,

ख़ुशी ख़ुशी न लगे और ग़म बुरा न लगे ।

किसी का इश्क़ . ..

किसी का इश्क़ किसी का ख्याल थे हम भी,

गए दिनों में बहुत बा-कमाल थे हम भी।

इश्क़ का कहर.. .

ये इश्क़ जिसके कहर से डरता है ज़माना,

कमबख्त मेरे सब्र के टुकड़ों पे पला है ।

इश्क शायरी 

क्या चीज है इश्क. ..

इश्क क्या चीज होती है यह पूछिये परवाने से,

जिंदगी जिसको मयस्सर हुई मर जाने के बाद।

मेरे इश्क़ की इन्तहा . ..

वो मुझ तक आने की राह चाहता है,

लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है,

खुद आते जाते मौसमों की तरह है,

और मेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता है।

अकेले हम शामिल नहीं .. .

अकेले हम ही शामिल नहीं हैं इस जुर्म में जनाब,

नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे।

इश्क के रास्ते में. ..

इश्क के रास्ते में मुमसिक तो बहुत मिले,

मिला दे महबूब से ना आज तक कोई ऐसा मिला.

प्यार का इलज़ाम. ..

मेरी किस्मत में है एक दिन गिरफ्तार-ए-वफ़ा होना,

मेरे चेहरे पे तेरे प्यार का इलज़ाम लिखा है।

इश्क शायरी 

मेरे हवास इश्क़ में.. .

मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं मुंतशिर,

मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है।

गर हो जाए इश्क. ..

गर हो जाए इश्क…

तो हमसे साझा कर लेना।

कुछ हम रख लेंगे

कुछ तुम रख लेना।

इश्क़ गुनाह है . ..

अगर इश्क़ गुनाह है तो गुनाहगार है खुदा,

जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए।

इश्क़ ही ख़ुदा . ..

जो मिला मुसाफ़िर वो रास्ते बदल डाले,

दो क़दम पे थी मंज़िल फ़ासले बदल डाले।

आसमाँ को छूने की कूवतें जो रखता था,

आज है वो बिखरा सा हौंसले बदल डाले।

शान से मैं चलता था कोई शाह कि तरह,

आ गया हूँ दर दर पे क़ाफ़िले बदल डाले।

फूल बनके वो हमको दे गया चुभन इतनी,

काँटों से है दोस्ती अब आसरे बदल डाले।

इश्क़ ही ख़ुदा है सुन के थी आरज़ू आई,

ख़ूब तुम ख़ुदा निकले वाक़िये बदल डाले।

इश्क है वही जो. ..

इश्क है वही जो हो एक तरफा,

इजहार-ए-इश्क तो ख्वाहिश बन जाती है,

है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ,

जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।

इश्क शायरी 

उसी से पूछ लो .. .

उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,

हम तो बस भरोसे पे बिक गए।

इश्क़ से पहचान से पहले . ..

इक बात कहूँ इश्क़ बुरा तो नहीं मानोगे,

बड़ी मौज के थे दिन, तुमसे पहचान से पहले।

इश्क़ में बेचैनी .. .

तेरी जब याद आती है तो फिर साँसें नहीं आती,

इश्क़ में हम सी बेचैनी कहाँ पर पाओगे हमदम।

इश्क़ ने मगरूर किया . ..

इस इश्क ने हमें मगरूर कर दिया,

हर खुशी से बहुत दूर कर दिया,

सोचा नहीं था कभी हमें इश्क़ होगा,

पर आपकी नजरों ने मजबूर कर दिया

तेरे काबिल नहीं रहे . ..

जा और कोई ज़ब्त की दुनिया तलाश कर

ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे काबिल नहीं रहे।

इश्क शायरी 

इश्क शराब जैसा . ..

ये इश्क भी शराब का नशा जैसा है दोस्तों,

करें तो मर जाएँ और छोड़े तो किधर जाएँ।

मोहब्बत में इतना दम .. .

तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना दूँ,

तुझे मिले बिना तेरा हाल बता दूँ,

मेरी मोहब्बत में इतना दम है कि,

तेरी आँखों के आँसू अपनी आँखों से गिरा दूँ।

इश्क़ रुस्वा न हुआ .. .

जब्त से काम लिया दिल ने तो क्या फक्र करूँ,

इसमें क्या इश्क की इज्ज़त थी कि रुसवा न हुआ,

वक्त फिर ऐसा भी आया कि उससे मिलते हुए,

कोई आँसू भी ना गिरा कोई तमाशा ना हुआ।

बीमारे – इश्क को आराम . ..

गजल-ए-उल्फत पढ़ लिया करो,

एक खुराक सुबह एक खुराक शाम,

ये वाहिद दवा है जिससे,

बीमारे-इश्क को मिलता है तुरंत आराम।

इश्क़ की बाजी.. .

लगाके इश्क़ की बाजी सुना है दिल दे बैठे हो,

मुहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसे हो।

इंतजार शायरी 

इंतज़ार हर शाम तेरा.. .

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,

यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,

मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,

कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।

हर घडी आपका इंतज़ार. ..

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,

हर वक़्त आपको ही तो याद करती हैं,

जब तक देख न लें चेहरा आपका,

हर घडी आपका ही इंतज़ार करती हैं।

सफर है हमसफ़र नहीं. ..

दिल की धड़कन को, एक लम्हा सब्र नहीं,

शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कद्र नहीं,

हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,

अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।

ख्वाब टूट के बिखरा. ..

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,

वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,

हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,

बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।

आँखें भी मेरी पलकों . ..

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,

हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं,

जब तक ना कर लें दीदार आपका,

तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।