क्या खूब लिखा है किसी शायर ने! 

1.  अर्ज किया है..

जरा गौर फरमाइए…

आंखों में नमी थी, और विटमिन की कमी थी!

वाह वाह…

जिससे रात भर चैटिंग की, वह गर्लफ्रेंड नहीं, बल्कि उसकी ममी थी…!!!
2.  अर्ज किया है..

जरा गौर फरमाइए…

“कोई पत्थर से न मारे मेरे दीवाने को।

न्यूक्लियर पावर का जमाना है, बम से उड़ादो साले को

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जोक शायरी हिंदी में! 

1.  ग़ालिब फरमाते हैं

चली जाती हैं आए दिन वो ब्यूटी पार्लर में यूं ,
उनका मकसद है मिसाले-हूर हो जाना।

मगर ये बात किसी बेग़म की समझ में क्यूं नहीं आती,
कि मुमकिन ही नहीं किशमिश का फिर से अंगूर हो जाना।

2.  अर्ज किया है..

जरा गौर फरमाइए… जब देखा उन्होंने तिरछी नजर से, कसम खुदा की, मदहोश हो गए हम!

पर जब पता चला नजर पर्मानेंट तिरछी है, वहीं खड़े-खड़े बेहोश हो गए हम 

मजाकिया शायरी हसीनो की 

1. हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है,  चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,  हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना, ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है।
3..आपका घर इतना दूर .. .

चिरागों में इतना नूर ना होता, तो तनहा दिल मजबूर ना होता, हम आपसे मिलने जरूर आते,अगर आपका घर इतना दूर ना होता।
3. न रेनकोट ना छाता.. .

ये बारिश का मौसम बहुत तड़पाता है, वो बस मुझे ही दिल से चाहता है, लेकिन वो मिलने आए भी तो कैसे…? उसके पास न रेनकोट है और ना छाता है।

खुशी शायरी 

जब ख़ुशी मिली.. .

जब ख़ुशी मिली तो कई दर्द मुझसे रूठ गए,

दुआ करो कि मैं फिर से उदास हो जाऊं।

यह जो हिज्र में. ..

यह जो हिज्र में दीवार-ओ-दर को देखते हैं,

कभी सबा को कभी नामबर को देखते हैं,

वो आये घर में हमारे खुदा की कुदरत है,

कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते हैं।

खुशियाँ तमाम देना.. .

जीने की उसने हमे नई अदा दी है,

खुश रहने की उसने दुआ दी है,

ऐ खुदा उसको खुशियाँ तमाम देना,

जिसने अपने दिल मे हमें जगह दी है।

जिंदगी उसी को आजमाती .. .

जिंदगी उसी को आजमाती है,

जो हर मोडपर चलना जानता है,

कुछ पा कर तो हर कोई मुस्कुराता है,

जिंदगी उसी की है ….

जो सबकुछ खो कर भी मुस्कुराना जानता है।

ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब. ..

ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है,

जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये,

ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,

सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये ।

काश शायरी 

तेरी वफ़ा तेरा हुस्न. ..

तेरे हुस्न पे तारीफों भरी किताब लिख देता,

काश… तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती ।

क़िस्मत में लिखा होता. ..

उस की हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले,

काश… उसको भी मेरी क़िस्मत में लिखा होता।

तन्हा नहीं करते. ..

काश… तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलो को,

किसी की सांसो में समाकर उसे तन्हा नहीं करते ।

काश तू भी बन जाए . ..

काश तू भी बन जाए तेरी यादों कि तरह,

न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये ।।

वो रोज़ देखता है .. .

वो रोज़ देखता है डूबते सूरज को इस तरह,

काश मैं भी किसी शाम का मंज़र होता 

काश शायरी 

काश तू इतनी सी .. .

काश तू इतनी सी मोहब्बत निभा दे,

जब भी मैं रूठूँ तो तू मुझे मना ले।

मिल जाते वो अल्फ़ाज़ .. .

काश कहीं से मिल जाते वो अल्फ़ाज़ हमें भी,

जो तुझे बता सकते कि हम शायर कम तेरे आशिक ज्यादा हैं।

ख्वाबों में गुजरा कल . ..

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए,

साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,

चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,

क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए।

वो आकर गले लगाले .. .

काश… एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,

वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर।

काश वो आ जायें . ..

काश वो आ जायें और देख कर कहें मुझसे,

हम मर गये हैं क्या? जो इतने उदास रहते हो।

जुदाई शायरी 

सजदों में सिसकता देखो. ..

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,

मेरी रगों में ज़हर जुदाई का उतरता देखो,

किस किस अदा से तुझे माँगा है खुदा से,

आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो।

सोचा था कि मिटाकर . ..

सोचा था कि मिटाकर सारी निशानी तेरी,

चैन से सो जायेंगे ।

बंद आँखो ने अक्स देखा तेरा,

तो बेचैन दिल ने पुकारा तुझको ।

उस शख्स को बिछड़ने .. .

उस शख्स को बिछड़ने का सलीका नहीं आता,

जाते जाते खुद को मेरे पास छोड़ गया…।

हर मुलाक़ात पर वक़्त का .. .

हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,

हर याद पर दिल का दर्द ताज़ा हुआ ।

सुनी थी सिर्फ लोगों से जुदाई की बातें,

खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ ।

ऐ चाँद चला जा क्यूँ आया है . ..

ऐ चाँद चला जा

क्यूँ आया है तू मेरी चौखट पर,

छोड़ गया वो शख्स

जिस के धोखे मे तुझे देखते थे ।